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डिसà¥à¤®à¥‡à¤¨à¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की परेशानी:कà¥à¤¯à¤¾ पीरियडà¥à¤¸ का तेज दरà¥à¤¦ शादी के बाद खतà¥à¤® हो जाता है
à¤à¤¸à¥€ धारणा है कि पीरियडà¥à¤¸ में होने वाला तेज दरà¥à¤¦ शादी के बाद खतà¥à¤® हो जाता हैं। गायनोकोलॉजिसà¥à¤Ÿ इस विषय से जà¥à¥œà¥‡ सच और à¤à¥‚ठका खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ करती हैं।
पीरियडà¥à¤¸ के साथ वॉमिटिंग हो रही हो, तो
कà¥à¤› महिलाओं को पीरियडà¥à¤¸ के पहले दिन या पीरियडà¥à¤¸ आने के à¤à¤•-दो दिन पहले से ही पेट के नीचे के हिसà¥à¤¸à¥‡ (पेडू) में तेज दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। कमर और जांघों में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ होता है। इन मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤à¤¶à¤¨ कà¥à¤°à¥ˆà¤‚पà¥à¤¸ को डिसà¥à¤®à¥‡à¤¨à¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं। कà¥à¤› महिलाओं को इस तेज दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ 12 से 72 घंटे तक होता है। इस दौरान लड़कियों को वॉमिटिंग और डायरिया शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। कमजोरी महसूस होती है और चकà¥à¤•र तक आते हैं।
तो कà¥à¤¯à¤¾ शादी के बाद यह दरà¥à¤¦ नहीं होता
आमतौर पर यह धारणा है कि महिलाओं में माहवारी के दौरान होने वाला तेज पेट दरà¥à¤¦ शादी के बाद नहीं होता है। दिलà¥à¤²à¥€ के मणिपाल हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² की ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¸ à¤à¤‚ड गायनोकोलाजी डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की हेड डॉ. यशिका गà¥à¤¡à¥‡à¤¸à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, शादी के बाद यह परेशानी दूर नहीं होती है लेकिन बेबी बरà¥à¤¥ के बाद इस तकलीफ में कमी देखी गई है। कई बार अबॉरà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ इस दरà¥à¤¦ में कमी देखने को मिलती है।
वजाइना और सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की जांच
जब मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤à¤¶à¤¨ कà¥à¤°à¥ˆà¤‚पà¥à¤¸ दो- तीन दिन तक होते रहे, तो गायनोकोलॉजिसà¥à¤Ÿ से मिलें। महिला चिकितà¥à¤¸à¤• आपसे पीरियडà¥à¤¸ के बारे में जानकारी लेने के बाद जरूरत पड़ने पर पेलà¥à¤µà¤¿à¤• à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ करेगी। इस जांच में महिलाओं की वजाइना और सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की जांच की जाती है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में वजाइनल फà¥à¤²à¥‚इड का सैंपल लेकर उसकी जांच होती है।
तेज मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤à¤¶à¤¨ कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¤¸ की वजहें
कई बार इसके होने की कोई वजह नहीं होती है। सारी रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ नॉरà¥à¤®à¤² आती हैं। लाइफ में किसी तरह के बदलाव आने पर यह दरà¥à¤¦ खà¥à¤¦ à¤à¥€ समापà¥à¤¤ हो जाता है लेकिन हर महीने यह दरà¥à¤¦ बà¥à¤¤à¤¾ जा रहा है, तो गायनोकोलॉजिसà¥à¤Ÿ से जरूर मिले। â€
यूटरस में फाइबà¥à¤°à¥‰à¤¯à¤¡à¥à¤¸ (यूटराइन फाइबà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤¸) की वजह से à¤à¥€ कई बार माहवारी के दौरान तेज दरà¥à¤¦ होता देखा गया है। महिला के रिपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ ऑरà¥à¤—ेंस ( पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों ) में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की वजह से à¤à¥€ महिलाओं को à¤à¤¸à¥€ तकलीफ होती है।अबà¥à¤¨à¥‰à¤°à¥à¤®à¤² पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी जैसे मिसकैरिज या à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के समय à¤à¥€ इस तरह की परेशानियों से सामना हो सकता है। पेलà¥à¤µà¤¿à¤• इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ डिसीज (पीआईडी) के समय à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£ नजर आते हैं।
मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी से à¤à¥€ यूटरस में कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¤¸ होते हैं
आंकड़ों के आधार पर करीब 45 से 95 % महिलाओं में दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥‡ पीरियडà¥à¤¸ की पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤®à¥à¤¸ होती है। डिसà¥à¤®à¥‡à¤¨à¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से काम करने के 60 करोड़ घंटों का नà¥à¤•सान होता देखा गया है।
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